दिल को चुने वाली शायरी…..

कुछ अल्फ़ाज जो दिल से निकले ,

आज वहीं शायरी बन गए ।

दर्द भी अपना सा लगा ,

जब एहसास कागज़ पर उतर गए ।

खामोशी भी बोल उठी,

जब कलम ने सच लिख दिया।


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