मोहब्बत में दूरियाँ हो जाती हैं,
दोनों के हक़ की मंज़ूरी हो जाती है।
ऐसे ही कोई छोड़ नहीं देता अपनी मोहब्बत,
हर जुदाई के पीछे कोई न कोई मजबूरी होती है।
Jaypee shayari .in✍️
आजकल की मोहब्बत और मजबूरी पर दर्द भरी शायरी
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मोहब्बत में दूरियाँ हो जाती हैं,
दोनों के हक़ की मंज़ूरी हो जाती है।
ऐसे ही कोई छोड़ नहीं देता अपनी मोहब्बत,
हर जुदाई के पीछे कोई न कोई मजबूरी होती है।
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