आँखें, न जाने कहाँ है बेख़बर,
तुझको ढूँढ रही है।
यहाँ भी मेरी ये नज़र,
छुप गए हैं ये बादल।
देख तेरे आँखों के नूर को,
कोई तो वजह होगी,
ढूँढने की तुझको।
Jaypeeshayari.in✍️

आँखें, न जाने कहाँ है बेख़बर,
तुझको ढूँढ रही है।
यहाँ भी मेरी ये नज़र,
छुप गए हैं ये बादल।
देख तेरे आँखों के नूर को,
कोई तो वजह होगी,
ढूँढने की तुझको।
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