“”काश कोई मेरे दर्द को समझे, तो में समझाऊं।
खुली किताब का कोरा पन्ना हु मैं,
कोई गौर करे तो काश पहड़ा जाऊं।
दर्द मेरा भी कोरे पन्ने जैसा है कोई दिल में उतरे तो बतलाऊ।।””
“”दिल की लगी पहली बार हुई है किसी से….
जमाने में मिले है बहुत पर ,पहली मुलाक़ात हुई है किसी से ।
अब रात के सपने भी उसका इंतजार करते हैं …
मुकद्दर में मिलते भी बही है जो रूह से प्यार करते है ।।””
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