श्रेणी: Sad love shayari
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ज़मीं-ओ-आसमाँ: अधूरी मोहब्बत की एक दर्दभरी दास्तान
तू अगर ज़मीं है, तो मैं आसमाँ हूँ, तू अगर बूंद है, तो मैं धुआँ हूँ। ज़मीं-ओ-आसमाँ को समेटे बैठे हैं, हम अपने ही अंदर ये आग दबाए बैठे हैं। ज़मीं-ओ-आसमाँ के परिंदे, आज किसी की याद में खोए हैं, शिकारी के जाल में फँसे हुए, अपने ही ख्वाबों में रोए हैं। गुरूर था हमें…
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हुस्न नहीं, तबायत से होती है मोहब्बत | दर्द भरी शायरी 2026
ख़्वाब बदल जाते हैं, इंसान नहीं बदलते। फितरत बदल जाती है, ईमान नहीं बदलते। बदला करते हैं वो रिश्ते, जिनमें प्यार नहीं होता। मोहब्बत होती है शख़्स से, पर इज़हार नहीं होता। किसी ने सच कहा है कि दुनिया बदल जाती है, पर चाहने वाले का प्यार नहीं बदलता। तेरे हुस्न पर मरकर प्यार नहीं…
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KHUSHBOO KISI OR KI
KHIDKI SE TERE JHAANKNA JAAYAZ YA NAJAAYAZ .MAIN NHI SAMAJTHA. HOGA KOI SHAKHS TUJHE CHAHNE WALA KYA MAIN NAHI SAMAJHTA. CHAL CHHOD IN BAATON KO ,BHOOL GYA MAIN UN RAATON KO. MILKAR KISI SE AAYE HO TUM ,JISM PAR KHUSHBOO ALAG SI LAAYE HO TUM. YE TERE LIBAAS PAR MERE GULAAB KI KHUSHBOO NAHI .…
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खामोशी और तन्हाई)
मेरी ख़ामोशी यूँ बोलेगी, दीवारों पर लिखी मेरी दोस्ती बोलेगी। हर उस लम्हे में, जो तन्हाई में गुज़रा, मेरे दर्द की कहानी बोलेगी। मेरे हर ज़र्रे में होगा मेरा ख़त तेरे नाम, कभी मन करे तुझे मिलने का, तो तू आ जाना शाम। मेरे घर की इन ख़ामोश दीवारों को मेरी अधूरी दास्तान सुना जाना।…
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सुकून ….
सुकून की तलाश में चला हूँ मैं, इस जहाँ की हर उलझन से अकेला लड़ा हूँ मैं। छोटी-सी उम्र, बोझ बड़े अरमानों का, ख़ामोशी ओढ़े, खुद ही खुद को पढ़ा हूँ मैं। @jaypeeshayari.in✍️
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कहानी: उदयपुर के राजकुमार की गूढ़ कथा
बहुत प्राचीन समय की बात है। उदयपुर नगर में चंद्रभान नाम का एक धर्मनिष्ठ, न्यायप्रिय और राजनीतिज्ञ राजा राज्य करता था। वह अपनी प्रजा का सच्चा हितैषी था और कभी किसी निर्दोष को दंड नहीं देता था। प्रजा भी उसे हृदय से प्रेम करती थी। राजा चंद्रभान की तीन रानियाँ थीं— पहली शाकुंतला, दूसरी मीनाक्षी…
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ख़ामोश फ़रियाद
किसी ने तेरे दर पर अपना प्यार माँगा। किसी ने तेरी मूरत में संसार माँगा। देखती रही तेरी तस्वीर आँखों की धारा, बहते अश्कों ने भी तुझसे इकरार माँगा। क्यों तेरे दर पर आकर लोग यूँ रो जाते हैं, बिन मतलब भी ये दिल तुझसे जुड़ जाते हैं। क्या तू ही उनका सच्चा प्यार बन…
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रूह और जिस्म।
तू उसकी ओर मत देख,जो तुझ से दूर गया.उसको जिस्म की भूख थी ,तेरे जिस्म को छु गया।तुझको लगा मोहब्बत है,पर बो तेरी रूह से खेल गया.अब तू उसकी यादों का तमाशा बन गया है जिसकी रूह को तू अपना समझता था अब बो रूह किसी ओर की जिंदगी का हिस्सा बन गया है ।…
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संघर्ष कविता 2…..
मंजिल की तलाश में , अधूरा – सा रह गया हूं. लगता है संघर्ष कभी ख़त्म नहीं होगा। पूरा जीवन बीत गया ,अब भिड़ में कहीं- सा खो गया हूं मैं , चल,फिर मुलाक़ात होगी, संघर्ष की ही बात होगी. आज तू है तो किया ,कल हमारे संघर्ष की कहानी की बात होगी। कायार होते…