श्रेणी: Shayari,kavita, motivate shayari

  • टूटी लाईन..

    टूटी लाईन..

    बेशक तुम्हें जाना हो तो जाओ ये शाहनों शौहरत हमें मत दिखाओ हम अंजान नहीं हैं तुमसे बड़ी इस कदर ज़िन्दगी से थक गये है हम अब उन्हें प्यार नहीं है हमसे मैं दुनियां को देख चुका हूं अपनो के रंग देख चुका हूं मुझे आज़मा ना ज़िन्दगी अब में बहुत थक गया हूं जनाज़ा…

  • दग़ा फिर से शुरू की उसने …

    दग़ा फिर से शुरू की उसने …

    बो शक्ख फिर हमसे दोस्ती करना चाहता है हमारी नज़रों में फिर हमें गिरना चाहता है जिसने कभी हमें ज़लील किया था किसी ओर सख्श के लिए बो फिर से हमें ज़लीलियत दिखना चाहता हैं  

  • Attitude…

    Attitude…

    में अपने ग़मो को समेट कर बैठ गया लोगों ने सोचा में हार कर बैठ गया मुकद्दर हम अपना लिखेंगे ग़मों के पुलों पर हम आशियाना अपना बनाएंगे जो हमारी नाकामयाबी पर हस्ते है मां कसम उनको हम खूब रुलायेंगे।

  • सुकून ….

    सुकून की तलाश में चला हूँ मैं, इस जहाँ की हर उलझन से अकेला लड़ा हूँ मैं। छोटी-सी उम्र, बोझ बड़े अरमानों का, ख़ामोशी ओढ़े, खुद ही खुद को पढ़ा हूँ मैं। @jaypeeshayari.in✍️

  • कहानी: उदयपुर के राजकुमार की गूढ़ कथा

    कहानी: उदयपुर के राजकुमार की गूढ़ कथा

    बहुत प्राचीन समय की बात है। उदयपुर नगर में चंद्रभान नाम का एक धर्मनिष्ठ, न्यायप्रिय और राजनीतिज्ञ राजा राज्य करता था। वह अपनी प्रजा का सच्चा हितैषी था और कभी किसी निर्दोष को दंड नहीं देता था। प्रजा भी उसे हृदय से प्रेम करती थी। राजा चंद्रभान की तीन रानियाँ थीं— पहली शाकुंतला, दूसरी मीनाक्षी…

  • ख़ामोश फ़रियाद

    किसी ने तेरे दर पर अपना प्यार माँगा। किसी ने तेरी मूरत में संसार माँगा। देखती रही तेरी तस्वीर आँखों की धारा, बहते अश्कों ने भी तुझसे इकरार माँगा। क्यों तेरे दर पर आकर लोग यूँ रो जाते हैं, बिन मतलब भी ये दिल तुझसे जुड़ जाते हैं। क्या तू ही उनका सच्चा प्यार बन…

  • संघर्ष shayari…

    तिनका तिनका जोडकर मैंने घर बनाया . पंछियों -सा छोटा सा घर था उसे मैने प्रेम से खूब सजाया । चुनौतियों को चुनते हुए,हर संघर्ष को अपनाया. पानी बनकर बहता रहा,हर पत्थर से टकराया। कभी झरनों में खुद को पाया,कभी नदियों में समाया. एक दिन सागर सा बनकर उठा,सारा आश्मान छू आया। तिनका तिनका जोडकर…

  • संघर्ष कविता 2…..

    मंजिल की तलाश में , अधूरा – सा रह गया हूं. लगता है संघर्ष कभी ख़त्म नहीं होगा। पूरा जीवन बीत गया ,अब भिड़ में कहीं- सा खो गया हूं मैं , चल,फिर मुलाक़ात होगी, संघर्ष की ही बात होगी. आज तू है तो किया ,कल हमारे संघर्ष की कहानी की बात होगी। कायार होते…

  • संघर्ष कविता..( shangharsh kavita ..)

    तिनका तिनका जोडकर मैंने एक घर बनाया. पंछियों-सा छोटा सा घर था,उसको मैंने प्रेम से सजाया। चुनौतियों को चुनते हुए,मैने हर संघर्ष को अपनाया. पानी बनकर बहता रहा ,हर पत्थर से टकराया। कभी झरनों में खुद को पाया,कभी नदियों में समाया. एक दिन सागर बनकर उठा ,उसकी लहरों से आश्मान छू आया । तिनका तिनका…

  • “Piyar nhi tabayat thi”

    तू नहीं तेरा जिस्म चाहिए उसको। बस खेल ने के लिए एक खिलौना चाहिए था उसको। उस खेल का हिस्सा तू हो गया। तेरा जिस्म बिका पर तेरी रुह का सोडा हो गया। बो लड़की नहीं थी ,तबायत बन गई उसी लड़की के इक्श का तू इक्का बन गया । …Jaypeeshayari.in…..