रूह और जिस्म।

तू उसकी ओर मत देख,जो तुझ से दूर गया.उसको जिस्म की भूख थी ,तेरे जिस्म को छु गया।तुझको लगा मोहब्बत है,पर बो तेरी रूह से खेल गया.अब तू उसकी यादों का तमाशा बन गया है जिसकी रूह को तू अपना समझता था अब बो रूह किसी ओर की जिंदगी का हिस्सा बन गया है ।

Jaypee shayari.in..

 


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