कहा कि मैंने मनमानी की,
चरित्र से मैं गंदा हूँ।
जिसका तू है,
मैं भी तो उसी का बंदा हूँ।
बस इतना समझ ले प्रभु,
अभी तुझसे थोड़ा दूर हूँ,
पर मोहब्बत आज भी है तुझसे,
इसलिए खुद से ही मजबूर हूँ।
तूने मुझे देखा है,
पर मैं खुद को छुपाए फिरता हूँ,
डर है कहीं मेरे दाग़
तेरे नाम पर न आ जाएँ।
गंदा हूँ, इसलिए दूर हूँ,
पर बेवफ़ा नहीं हूँ।
मोहब्बत तुझसे आज भी है,
तभी तो खुद को तेरा बंदा कहता हूँ।
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