Mindblown: a blog about philosophy.
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संघर्ष shayari…
तिनका तिनका जोडकर मैंने घर बनाया . पंछियों -सा छोटा सा घर था उसे मैने प्रेम से खूब सजाया । चुनौतियों को चुनते हुए,हर संघर्ष को अपनाया. पानी बनकर बहता रहा,हर पत्थर से टकराया। कभी झरनों में खुद को पाया,कभी नदियों में समाया. एक दिन सागर सा बनकर उठा,सारा आश्मान छू आया। तिनका तिनका जोडकर…
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संघर्ष कविता 2…..
मंजिल की तलाश में , अधूरा – सा रह गया हूं. लगता है संघर्ष कभी ख़त्म नहीं होगा। पूरा जीवन बीत गया ,अब भिड़ में कहीं- सा खो गया हूं मैं , चल,फिर मुलाक़ात होगी, संघर्ष की ही बात होगी. आज तू है तो किया ,कल हमारे संघर्ष की कहानी की बात होगी। कायार होते…
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संघर्ष कविता..( shangharsh kavita ..)
तिनका तिनका जोडकर मैंने एक घर बनाया. पंछियों-सा छोटा सा घर था,उसको मैंने प्रेम से सजाया। चुनौतियों को चुनते हुए,मैने हर संघर्ष को अपनाया. पानी बनकर बहता रहा ,हर पत्थर से टकराया। कभी झरनों में खुद को पाया,कभी नदियों में समाया. एक दिन सागर बनकर उठा ,उसकी लहरों से आश्मान छू आया । तिनका तिनका…
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“Piyar nhi tabayat thi”
तू नहीं तेरा जिस्म चाहिए उसको। बस खेल ने के लिए एक खिलौना चाहिए था उसको। उस खेल का हिस्सा तू हो गया। तेरा जिस्म बिका पर तेरी रुह का सोडा हो गया। बो लड़की नहीं थी ,तबायत बन गई उसी लड़की के इक्श का तू इक्का बन गया । …Jaypeeshayari.in…..
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Matlabi duniya…
छोटी उम्र h उसकी, मतलब के नाते है काम हो,तो सब मिलने आते है,नहीं तो यार. नाते रिश्ते सब पीछे छूट जाते है। समझ ना समझ की तो बात ही नहीं थीं। अपना समझ कर अब बुलाते है। हमारी पीठ पीछे सारे किस्से सुनाए जाते है। यहां मतलब कि रिश्तेदारी हैं,न किसी में कोई समझदारी…
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दिल को चुने वाली शायरी…..
कुछ अल्फ़ाज जो दिल से निकले , आज वहीं शायरी बन गए । दर्द भी अपना सा लगा , जब एहसास कागज़ पर उतर गए । खामोशी भी बोल उठी, जब कलम ने सच लिख दिया।
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Amar kon hai
—अमर कौन है?शरीर मिट्टी है, मिट्टी में मिल जाएगा, पर जो भीतर जागे, वो कभी नहीं जाएगा। मृत्यु देह की है, चेतना की नहीं, जो स्वयं को जान ले, उसे अंत का भय नहीं। नाम मिट सकते हैं, रूप बदल जाते हैं, पर सत्य के शब्द युगों तक गूंज जाते हैं। अहंकार मरे तो मनुष्य…
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“अधूरी-मोहब्बत…”
रास्ते बहुत थे, पर रात काली थीं। हर उस अंधेरे के सन्नाटे में एक गूंज निराली थी। तेरा जिस्म ओर रूह था किसी का,पर परछाईं काली थी। तेरा तेरी दहलीज़ से, किसी अंजान शक्श के साथ निकलना। मेरी मोहब्बत की एकलौती बो अधूरी कहानी थी। Jaypee shayari.in✍️
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love shayari.
mohbat ka kuch alag mja h . jisko pana chahate h Bo dur rha h . uski khusbu badal Jaya krti h jb jisem kisi ko chua krta h .
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हमारा-. संघर्ष-शायरी….
कुछ देर रुको, रात को ढल जाने दो. सबेरा अभी बाकी है,सबेरा आने दो। ग़म तेरा , मेरा एक है, ग़म को ओर गहरा होने दो। सुर्खियों में रहेगी. हमारी संघर्ष की कहानी। संघर्ष को ओर गहरा होने दो।
क्या आपके पास कोई पुस्तक अनुशंसाएँ हैं?