हुस्न नहीं, तबायत से होती है मोहब्बत | दर्द भरी शायरी 2026

ख़्वाब बदल जाते हैं, इंसान नहीं बदलते।

फितरत बदल जाती है, ईमान नहीं बदलते।

बदला करते हैं वो रिश्ते, जिनमें प्यार नहीं होता।

मोहब्बत होती है शख़्स से, पर इज़हार नहीं होता।

किसी ने सच कहा है कि दुनिया बदल जाती है,

पर चाहने वाले का प्यार नहीं बदलता।

तेरे हुस्न पर मरकर प्यार नहीं किया,

तुझसे कहीं सुंदर तबायत कोठे पर बैठी मिलती है,

पर सच्ची मोहब्बत बाज़ारों में नहीं बिकती है।

अगर हुस्न से मोहब्बत होती तो,

जिस्म को चाहने वाले मर्दों का तबायत का घर ठिकाना नहीं होता,

हर गली में दिलों का सौदा होता,

और इश्क़ का नाम ही बेगाना होता। 

Jaypee shayari.in✍️

टिप्पणियां

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *