रात का साया,,,


अब ये रात का साया भी मुझसे बात करता है

ये कहीं दूर ले जाने की बात करता है

मेरे है हालातों से ये बाक़ीब

मेरी हर रात की एकलौती ये शहादत है

लिख दूं अगर में कलम से अपना फ़साना

तो ये रात मेरी ज़िन्दगी की अंतिम रात हो


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