ज़िन्दगी

Attitude…

में अपने ग़मो को समेट कर बैठ गया

लोगों ने सोचा में हार कर बैठ गया

मुकद्दर हम अपना लिखेंगे

ग़मों के पुलों पर हम आशियाना अपना बनाएंगे

जो हमारी नाकामयाबी पर हस्ते है

मां कसम उनको हम खूब रुलायेंगे।


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