“तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा,
तुझे चाहने वाला शख़्स तुझसे दूर चला जाएगा…“तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा,
तुझे चाहने वाला शख़्स तुझसे दूर चला जाएगा…””””तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा।
तुझे चाहने वाला शख़्स तेरी नज़रों से दूर चला जायेगा।
मेरे जाने के बाद किस्से,कहानी बना कर बदनाम कर देना मुझे ।
जितनी भी नफ़रत ज़हर घुली है तुम में,
बो नफ़रत किरदार मे भर देना मेरे””
“”बदले की रूह जिस्म भी बदलेगा ।
इस जमाने में तेरा शहर भी बदलेगा””
“कुछ समा जलकर बुझ जाया करता है
कोई आता है ज़िंदगी में,कोई जय करता है”
।समा जले तो अंधेरे की भी फ़िक्र कर।
अपनी इस नफ़रत के ज़हर में,
उस शख़्स के मर जाने की यूं दुआ ना कर।।

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