Mindblown: a blog about philosophy.

  • Amar kon hai

    Amar kon hai

    —अमर कौन है?शरीर मिट्टी है, मिट्टी में मिल जाएगा, पर जो भीतर जागे, वो कभी नहीं जाएगा। मृत्यु देह की है, चेतना की नहीं, जो स्वयं को जान ले, उसे अंत का भय नहीं। नाम मिट सकते हैं, रूप बदल जाते हैं, पर सत्य के शब्द युगों तक गूंज जाते हैं। अहंकार मरे तो मनुष्य…

  • “अधूरी-मोहब्बत…”

    “अधूरी-मोहब्बत…”

    रास्ते बहुत थे, पर रात काली थीं। हर उस अंधेरे के सन्नाटे में एक गूंज निराली थी। तेरा जिस्म ओर रूह था किसी का,पर परछाईं काली थी। तेरा तेरी दहलीज़ से, किसी अंजान शक्श के साथ निकलना। मेरी मोहब्बत की एकलौती बो अधूरी कहानी थी।     Jaypee shayari.in✍️          

  • love shayari.

    mohbat ka kuch alag mja h . jisko pana chahate h Bo dur rha h . uski khusbu badal Jaya krti h jb jisem kisi ko chua krta h .

  • हमारा-. संघर्ष-शायरी….

          कुछ देर रुको, रात को ढल जाने दो. सबेरा अभी बाकी है,सबेरा आने दो। ग़म तेरा , मेरा एक है, ग़म को ओर गहरा होने दो। सुर्खियों में रहेगी. हमारी संघर्ष की कहानी। संघर्ष को ओर गहरा होने दो।    

क्या आपके पास कोई पुस्तक अनुशंसाएँ हैं?