“Piyar nhi tabayat thi”

तू नहीं तेरा जिस्म चाहिए उसको।

बस खेल ने के लिए एक खिलौना चाहिए था उसको।

उस खेल का हिस्सा तू हो गया।

तेरा जिस्म बिका पर तेरी रुह का सोडा हो गया।

बो लड़की नहीं थी ,तबायत बन गई

उसी लड़की के इक्श का तू इक्का बन गया ।

Jaypeeshayari.in…..


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