बो शक्ख फिर हमसे दोस्ती करना चाहता है
हमारी नज़रों में फिर हमें गिरना चाहता है
जिसने कभी हमें ज़लील किया था किसी ओर सख्श के लिए
बो फिर से हमें ज़लीलियत दिखना चाहता हैं

बो शक्ख फिर हमसे दोस्ती करना चाहता है
हमारी नज़रों में फिर हमें गिरना चाहता है
जिसने कभी हमें ज़लील किया था किसी ओर सख्श के लिए
बो फिर से हमें ज़लीलियत दिखना चाहता हैं
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