Mindblown: a blog about philosophy.

  • मोहब्बत, ईमान और धोखा | सच्ची दर्द भरी शायरी

    वो गली छोड़ दी मैंने, जहाँ तेरा दीदार हुआ करता था, मोहब्बत के आशिक़ हर रोज़ तेरी गलियों में घूमा करते थे। उनकी बातों में कहीं न कहीं मेरा ज़िक्र भी हुआ करता था, क्योंकि तुझसे मोहब्बत करने वाला आशिक़ मैं ही हुआ करता था। मोहब्बत कोई खेल नहीं थी मेरे लिए, ये मेरा ईमान…

  • बेवफ़ाई के सबूत और झूठा प्यार | दर्द भरी शायरी

    हमारे अल्फ़ाज़ तेरी उस बेवफ़ाई के सबूत होंगे, तू होगी यहाँ, तेरी आँखों में आँसू ज़रूर होंगे। हर लफ़्ज़ में तेरे निकले हुए उन तीरों का दर्द होगा, ये कायनात होगी, तेरे साथ तेरा हमदर्द होगा। पर इस कायनात में हम नहीं, सिर्फ़ हमारा दर्द होगा, क़लम होगी हमारी, पर तेरा झूठा प्यार उसमें दफ़न…

  • आजकल की मोहब्बत और मजबूरी पर दर्द भरी शायरी

    मोहब्बत में दूरियाँ हो जाती हैं, दोनों के हक़ की मंज़ूरी हो जाती है। ऐसे ही कोई छोड़ नहीं देता अपनी मोहब्बत, हर जुदाई के पीछे कोई न कोई मजबूरी होती है। Jaypee shayari .in✍️

  • सुकून ….

    सुकून की तलाश में चला हूँ मैं, इस जहाँ की हर उलझन से अकेला लड़ा हूँ मैं। छोटी-सी उम्र, बोझ बड़े अरमानों का, ख़ामोशी ओढ़े, खुद ही खुद को पढ़ा हूँ मैं। @jaypeeshayari.in✍️

  • कहानी: उदयपुर के राजकुमार की गूढ़ कथा

    कहानी: उदयपुर के राजकुमार की गूढ़ कथा

    बहुत प्राचीन समय की बात है। उदयपुर नगर में चंद्रभान नाम का एक धर्मनिष्ठ, न्यायप्रिय और राजनीतिज्ञ राजा राज्य करता था। वह अपनी प्रजा का सच्चा हितैषी था और कभी किसी निर्दोष को दंड नहीं देता था। प्रजा भी उसे हृदय से प्रेम करती थी। राजा चंद्रभान की तीन रानियाँ थीं— पहली शाकुंतला, दूसरी मीनाक्षी…

  • हर गुनाह का गुनहगार।

    चल ज़िंदगी, फिर तुझसे मुलाक़ात करते हैं, हम पर जो गुज़री उस पर भी बात करते हैं। गुनाह छोटा हो या बड़ा, उनकी नज़रों में हर गुनाह एक-सा होगा, मासूम वही ठहरेंगे, और गुनहगार बस तू ही होगा। ऐ आशिक़ के दीवाने, मोहब्बत सोच-समझकर किया कर, ज़ुल्म तूने किया हो या उसने, हर गुनाह का…

  • ख़ामोश फ़रियाद

    किसी ने तेरे दर पर अपना प्यार माँगा। किसी ने तेरी मूरत में संसार माँगा। देखती रही तेरी तस्वीर आँखों की धारा, बहते अश्कों ने भी तुझसे इकरार माँगा। क्यों तेरे दर पर आकर लोग यूँ रो जाते हैं, बिन मतलब भी ये दिल तुझसे जुड़ जाते हैं। क्या तू ही उनका सच्चा प्यार बन…

  • “जिस इक्श में मैं शामिल न रहा”

    “जिस इक्श में मैं शामिल न रहा”

    मोहब्बत इस ज़माने की नहीं है तुझसे,कोई तो वजह होगी, खुदा को तुझसे फिर मिलाने की।अब नज़र से नज़र नहीं मिलेगी,तू अब किसी और गली का फूल है।इस गली में मेरे जैसे माली की बस धूल है,तेरी इस इश्क़ की जड़ों मेंअब मेरी मिट्टी भी शामिल नहीं होगी। । Jaypeeshayari.in  

  • अपनो से हारा हुआ हुं।

    **“जाने क्यों अक्सर अपने ही, अपनों से खफ़ा हो जाते हैं,इसमें कहीं न कहीं किसी अपने की ही कोई ख़ता होती है।समय के गुज़र जाने पर यह बात समझ में आती है,कि छोटी-सी ज़िंदगी में इंसान को इंसान से ही ठोकर मिलती है।अक्सर जो अपने कहलाते हैं, वही अपनों को गिराना चाहते हैं,और इस छोटी-सी…

  • रूह और जिस्म।

    तू उसकी ओर मत देख,जो तुझ से दूर गया.उसको जिस्म की भूख थी ,तेरे जिस्म को छु गया।तुझको लगा मोहब्बत है,पर बो तेरी रूह से खेल गया.अब तू उसकी यादों का तमाशा बन गया है जिसकी रूह को तू अपना समझता था अब बो रूह किसी ओर की जिंदगी का हिस्सा बन गया है ।…

क्या आपके पास कोई पुस्तक अनुशंसाएँ हैं?