Mindblown: a blog about philosophy.
-
दर्द और पहली मोहब्बत की शायरी – दिल को छू लेने वाले अल्फाज़
“”काश कोई मेरे दर्द को समझे, तो में समझाऊं। खुली किताब का कोरा पन्ना हु मैं, कोई गौर करे तो काश पहड़ा जाऊं। दर्द मेरा भी कोरे पन्ने जैसा है कोई दिल में उतरे तो बतलाऊ।।”” “”दिल की लगी पहली बार हुई है किसी से…. जमाने में मिले है बहुत पर ,पहली मुलाक़ात हुई है…
-
दर्द और आईना – दिल को छू लेने वाली शायरी | Heart Touching Shayari
“”दर्द एक हो तो पी जाऊँ, दुनिया की हर जिल्लत से भी लड़ जाऊँ। कोई हमसफ़र पूछता है, कोई दवा-ख़ाना, कोई ज़िंदगी की कीमत का…
-

नफ़रत और जुदाई की दर्द भरी शायरी | दिल को छू लेने वाली शायरी
“तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा, तुझे चाहने वाला शख़्स तुझसे दूर चला जाएगा…“तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा, तुझे चाहने वाला शख़्स तुझसे दूर चला जाएगा…””””तेरी ये नाराज़गी का किस्सा सुलझ जाएगा। तुझे चाहने वाला शख़्स तेरी नज़रों से दूर चला जायेगा। मेरे जाने के बाद किस्से,कहानी बना कर बदनाम कर देना…
-

ज़मीं-ओ-आसमाँ: अधूरी मोहब्बत की एक दर्दभरी दास्तान
तू अगर ज़मीं है, तो मैं आसमाँ हूँ, तू अगर बूंद है, तो मैं धुआँ हूँ। ज़मीं-ओ-आसमाँ को समेटे बैठे हैं, हम अपने ही अंदर ये आग दबाए बैठे हैं। ज़मीं-ओ-आसमाँ के परिंदे, आज किसी की याद में खोए हैं, शिकारी के जाल में फँसे हुए, अपने ही ख्वाबों में रोए हैं। गुरूर था हमें…
-

“बरसात, बूँदें और बेवफ़ाई — प्रेम का भीगा हुआ रूप”
बरसात हो रही है, पानी की बूँदें झर-झर कर रो रही हैं। लगता है तन्हाई के बादल इनको भी घेर बैठे हैं। तभी तो ज़मीं से मिलने के लिए ये बूँदें भी तरस रही हैं। कसूर इन हवाओं का है जो एक छोर से उस छोर ले जाती हैं बादल। टक-टक देखती है…
-
ख़्वाब – बचपन की सच्ची मोहब्बत पर दिल छू लेने वाली कविता
ख़्वाब….. बचपन के बिन बने मौसम के बदल वर्ष जायेंगे। देखना तुम एक दिन , हमारी मोहब्बत पाने के लिए तरस जाओगे। कागज की बनी नैया कभी दरिया पार नहीं होती। बचपन की हुई मोहब्बत हर किसी से बार बार नहीं होती। मेरे खुबाओ की रानी हो तुम,तुम दिया तो मैं बत्ती बन…
-

अपनों के बदल जाने का ग़म नहीं | दर्द भरी हिंदी शायरी
वो हैं किसी और के, और मैं अब भी उन पर मर रहा हूँ।अपनों के बदल जाने का ग़म नहीं मुझे, शिकायत बस इतनी है खुद से। कि ज़ुल्म मैं खुद पर ही कर रहा हूँ, वो हैं किसी और के, और मैं उन पर मर रहा हूँ।
-
हुस्न नहीं, तबायत से होती है मोहब्बत | दर्द भरी शायरी 2026
ख़्वाब बदल जाते हैं, इंसान नहीं बदलते। फितरत बदल जाती है, ईमान नहीं बदलते। बदला करते हैं वो रिश्ते, जिनमें प्यार नहीं होता। मोहब्बत होती है शख़्स से, पर इज़हार नहीं होता। किसी ने सच कहा है कि दुनिया बदल जाती है, पर चाहने वाले का प्यार नहीं बदलता। तेरे हुस्न पर मरकर प्यार नहीं…
-

KHUSHBOO KISI OR KI
KHIDKI SE TERE JHAANKNA JAAYAZ YA NAJAAYAZ .MAIN NHI SAMAJTHA. HOGA KOI SHAKHS TUJHE CHAHNE WALA KYA MAIN NAHI SAMAJHTA. CHAL CHHOD IN BAATON KO ,BHOOL GYA MAIN UN RAATON KO. MILKAR KISI SE AAYE HO TUM ,JISM PAR KHUSHBOO ALAG SI LAAYE HO TUM. YE TERE LIBAAS PAR MERE GULAAB KI KHUSHBOO NAHI .…
क्या आपके पास कोई पुस्तक अनुशंसाएँ हैं?