Mindblown: a blog about philosophy.
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टूटी लाईन..
बेशक तुम्हें जाना हो तो जाओ ये शाहनों शौहरत हमें मत दिखाओ हम अंजान नहीं हैं तुमसे बड़ी इस कदर ज़िन्दगी से थक गये है हम अब उन्हें प्यार नहीं है हमसे मैं दुनियां को देख चुका हूं अपनो के रंग देख चुका हूं मुझे आज़मा ना ज़िन्दगी अब में बहुत थक गया हूं जनाज़ा…
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दग़ा फिर से शुरू की उसने …
बो शक्ख फिर हमसे दोस्ती करना चाहता है हमारी नज़रों में फिर हमें गिरना चाहता है जिसने कभी हमें ज़लील किया था किसी ओर सख्श के लिए बो फिर से हमें ज़लीलियत दिखना चाहता हैं
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ज़िन्दगी की कहानी एक
कुछ लिखे शब्द बस किताबों में दफ़न रहते है ओर कुछ दिलों के राज दिलों में ही रह जाते है ओर कुछ कहानियां किताबों में जप्त हो जाती है ओर कुछ ज़िन्दगी में उतर जाती हैं देखना ये है कि ये कहानी ज़िंदगी की कहाँ खत्म हो जाती है
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साथ चलने का वादा
उम्र भर साथ किया jaypee, में जनाजे तक साथ चलता। उसको किया नाम दूं, नदी मान कर शायरी में उसको तार दु कुछ पल साथ चली, कहीं ठहरी कहीं घूमी। मैं कुछ पल किनारे पर ठहरा, बो समुद्र मे से जा मिली। Jaypee shayari.in✍️
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रात का साया,,,
अब ये रात का साया भी मुझसे बात करता है ये कहीं दूर ले जाने की बात करता है मेरे है हालातों से ये बाक़ीब मेरी हर रात की एकलौती ये शहादत है लिख दूं अगर में कलम से अपना फ़साना तो ये रात मेरी ज़िन्दगी की अंतिम रात हो
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Attitude…
में अपने ग़मो को समेट कर बैठ गया लोगों ने सोचा में हार कर बैठ गया मुकद्दर हम अपना लिखेंगे ग़मों के पुलों पर हम आशियाना अपना बनाएंगे जो हमारी नाकामयाबी पर हस्ते है मां कसम उनको हम खूब रुलायेंगे।
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खत किसी का
गुरूर था जिस शख़्स पर मुझको उसने किताब का पन्ना ही पलट दिया जिस पन्ने पर लिखा था प्यार का खत मैंने उसको उसने बो प्यार का पन्ना किसी ओर सख्श को थमा दिया
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मुसाफिर
मुसाफ़िर हूँ मैं, मंज़िलो का थक कर बैठ जाना मेरी फ़ितरत नहीं गुरूर है तुझको अपने हुस्न पर ज़रा इस उम्र को तो ढल जाने दे
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दर्द और पहली मोहब्बत की शायरी – दिल को छू लेने वाले अल्फाज़
“”काश कोई मेरे दर्द को समझे, तो में समझाऊं। खुली किताब का कोरा पन्ना हु मैं, कोई गौर करे तो काश पहड़ा जाऊं। दर्द मेरा भी कोरे पन्ने जैसा है कोई दिल में उतरे तो बतलाऊ।।”” “”दिल की लगी पहली बार हुई है किसी से…. जमाने में मिले है बहुत पर ,पहली मुलाक़ात हुई है…
क्या आपके पास कोई पुस्तक अनुशंसाएँ हैं?